Class-5 Hindi (Rimjhim) पाठ 3 खिलौनेवाला / NCERT book / CBSE Syllabus


पाठ 3
खिलौनेवाला

कविता और तुम

1.  तुम्हें किसी-न-किसी बात पर रूठने के मौके तुम मिलते ही होंगे-

(क)   अक्सर तुम किस तरह की बातों पर रूठती हो?
उत्‍तर- जब मुझे अपनी पसंद का खिलौना या आइसक्रीम नहीं मिलती है तो मैं रूठ जाता / जाती हूँ।

(ख)  माँ  के अलावा घर में कौन-कौन हैं  जो तुम्हें मनाते हैं?
उत्‍तर-  माँ  के अलावा पिताजी और दादाजी भी मुझे मनाते हैं। 

2. हम ऐसे कई त्योहार मनाते हैं जो बुराई पर अच्छाई की जीत पर बल देते हैं। ऐसे त्योहारों के बारे में और उनसे जुड़ी कहानियों के बारे में पता करके कक्षा में सुनाओ।

उत्‍तर- दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार है।  इसे रावण पर राम की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
 इसी प्रकार होलिका दहन का त्योहार भी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जिसमें होली का भस्म हो जाती है और प्रहलाद सकुशल बच जाता है।

3.  तुमने रामलीला के ज़रिए या फिर किसी कहानी के जरिए रामचंद्र के बारे में जाना- समझा होगा । तुम्हें उनकी कौन सी बातें अच्छी लगीं?

उत्‍तर- मुझे श्री रामचंद्र के बारे में निम्नलिखित बातें अच्छी लगीं-
1) आज्ञापालन
2)  वचनबद्धता
3)  मर्यादाओं का पालन
4) कर्तव्यनिष्ठा

4.  नीचे दिए गए भाव कविता की जिन पंक्तियों में आए हैंउन्हें छाँटो-

(क)  खिलौनेवाला साड़ी नहीं बेचता है।
        कभी खिलौने वाला भी माँ
         क्या साड़ी ले आता है। 

(ख)  खिलौनेवाला बच्चों को खिलौने लेने के लिए आवाज़ें लगा रहा है।
        नए खिलौने ले लो भैया
        ज़ोर-ज़ोर  वह रहा पुकार।

(ग)  मुझे कौन-सा  खिलौना लेना चाहिए-  उसमें माँ  की सलाह चाहिए।
        कौन खिलौने लेता हूँ मैं
         तुम भी मन में करो विचार।

(घ) माँ  के बिना कौन मनाएगा और कौन गोद में बैठाएगा।
          तो कौन मना लेगा
           कौन प्यार से बिठा गोद में
           मनचाही चीज़ें देगा ।

5. 'मूँगफली ले लो मूँगफली!
    गरम करारी टाइम पास मूँगफली!'
 तुमने फेरी वालों को ऐसी आवाज़ें  लगाते ज़रूर  सुना होगा।  तुम्हारे  गली- मोहल्ले में ऐसे कौन-से  फेरीवाले आते हैं और वे किस ढंग से आवाज़ लगाते हैंउसका अभिनय करके दिखाओ।  वे क्या बोलते हैं,  उसका भी एक संग्रह तैयार करो।
1.    रद्दी, न्यूज़पेपर
2.    आलू ले लो आलू
3.    रंगोली ले लो रंगोली
4.    खिलौने वाला खिलौने लाया
5.    गुब्बारे ले लो गैस वाले गुब्बारे

खेल- खिलौने

1. (क) तुम यहाँ लिखें  खिलौनों में से किसी लेना पसंद करोगीक्यों?
  गेंदहवाई जहाज़मोटरगाड़ी,  रेलगाड़ीफिरकी,  गुड़िया,  बर्तन सेटधनुष- बाण,  बल्ला या कुछ और।
उत्‍तर- यहाँ लिखें  खिलौनों में से मैं बर्तन सेट लूँगी ताकि मेरी गुड़ीया अपनी रसोई में खाना बना सके।
(इस प्रश्‍न का उत्तर विद्यार्थी अपने अनुसार लिखें)

(ख) तुम अपने साथियों के साथ कौन-कौन से खेल खेलती हो?
उत्‍तर- मैं अपने साथियों के साथ पकड़म-पकड़ाई, बैडमिंटन, फुटबॉल आदि खेल खेलता / खेलती हूँ।

2.  खिलौनेवाला  शब्द संज्ञा में 'वालाजोड़ने से बना है।  नीचे लिखे वाक्यों में  रेखांकित  हिस्सों को ध्यान से देखो और संज्ञा,क्रिया आदि पहचानो।

      1.    पानवाले की दुकान आज बंद है।
      2.    मेरी दिल्लीवाली मौसी बस कंडक्टर है।
      3.    महमूद पाँच बजे वाली बस से आएगा।
      4.    नंदू को बोलने वाली गुड़िया चाहिए।
      5.    दाढ़ीवाला आदमी कहाँ है?
      6.    इस सामान को ऊपर वाले कमरे में रख दो।
      7.    मैं रात वाली गाड़ी से जम्मू जाऊँगी।

पानवाले
 जातिवाचक संज्ञा
दिल्लीवाली
 गुणवाचक विशेषण
पाँच बजे वाली
 संख्यावाचक विशेषण
बोलने वाली
  गुणवाचकविशेषण
दाढ़ीवाला
  गुणवाचक विशेषण
ऊपर वाले
 गुणवाचक विशेषण
रात वाली
  गुणवाचक विशेषण 

 तुम्हारी रामलीला
 क्या तुमने रामलीला देखी हैरामलीला की किसी एक लघु-कहानी को चुनकर कक्षा में अपनी रामलीला प्रस्तुत करो।

 कविता में कथा

 इस कविता में तीन नाम-
 रामकौशल्या और ताड़का आए हैं।

(क) यह तीनों नाम किस प्रसिद्ध कथा के पात्र हैं?
उत्‍तर- यह तीनों नाम प्रसिद्ध रामकथा / रामायण के पात्र हैं। 

(ख) यहीं रहूँगा कौशल्या मैं तुमको यहीं बनाऊँगा।
 इन पंक्तियों का कथा से क्या संबंध है?
उत्‍तर- कथा में राम अपनी माता कौशल्या को छोड़कर चौदह वर्ष के लिए वन में जाते हैं। कविता में बालक स्वयं को राम एवं अपनी माता को कौशल्या समझता है परंतु वह अपनी माँ के पास घर में ही रहना चाहता है।

(ग) इस कथा के कुछ संदर्भों की बात कविता में हुई है।अपने आस-पास पूछ कर इनका पता लगाओ।

तपसी यज्ञ करेंगे, असुरों को मैं मार भगाऊँगा।
रामकथा में  असुर तपस्या के यज्ञ में बाधा डालते हैं और राम असुरों को मार भगाते हैं।

तुम कह दोगी वन जाने को हँसते-हँसते जाऊँगा।
रामकथा में अपने माता पिता की आज्ञा मानते हुए राम चौदह वर्ष के लिए वन में चले जाते हैं। 


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